नोटबंदी से एक और बड़े नुकसान का खुलासा, 577 करोड़ की लगी चपत

नई दिल्ली। नोटबंदी से कितना नुकसान हुआ है, इसके बारे में तो भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही बता चुका है। अब नोट छापने वाली सरकारी प्रिंटिंग प्रेस ने भारतीय रिजर्व बैंक से 577 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई करने को कहा है। यह नुकसान इन नोट छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस को 9 नवंबर से शुरू हुई नोटबंदी की वजह से हुआ है।

भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से सालाना रिपोर्ट पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे यह साफ होता है कि नोटबंदी से काफी नुकसान हुआ है। इसकी वजह से सरकार को दिया जाने वाला डिविडेंड भी घट गया है। 577 करोड़ रुपए का यह नुकसान सभी प्रिंटिंग प्रेस को कुल मिलाकर हुआ है। आपको बता दें कि देश में नोट छापने की कुल चार प्रिंटिंग प्रेस हैं। इन प्रिंटिंग प्रेस में पब्लिक सेक्टर की सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की दो प्रिंटिंग प्रेस हैं, जो नासिक और देवास में हैं। इसके अलावा आरबीआई के स्वामित्व वाली भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड की भी दो प्रिंटिंग प्रेस हैं, जो मैसूर (कर्नाटक) और सालबोनी (पश्चिम बंगाल) में हैं। आपको बता दें कि 8 नवंबर को पीएम मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी, जिसके तहत 9 नवंबर से ही पुराने 500 और 1000 रुपए के सभी नोट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद सरकार ने 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए थे, इन्हीं के चलते प्रिंटिंस प्रेस को 577 करोड़ रुपए का यह नुकसान हुआ है। अनुमान लगाया जा रहा था कि नोटबंदी से करीब 3 लाख करोड़ रुपए का कालाधन सामने आएगा, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार करीब 99 फीसदी पुराने नोट बैंक में वापस आ चुके हैं और सरकार इस बार पर विपक्ष के निशाने पर है कि आखिर कालाधन गया कहां?

Related posts

Leave a Comment