म्‍यांमार में बोले पीएम मोदी, मुझे ऐसा लग रहा है जैसे अपने घर में हूं

ने पी ता, प्रेट्र। चीन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने म्‍यांमार दौरे पर हैं। उनका वहां बेहद गर्मजोशी से स्‍वागत किया गया, जिस पर उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने घर में ही हूं। आज पीएम मोदी ने सबसे पहले म्यामांर की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की।

इसके बाद साझा प्रेस कॉन्‍फ्रेस में म्‍यांमार से दूसरे देशों में रोहिंग्‍या मुस्लिमों के पलायन का मुद्दा उठाते हुए चिंता जताई और कहा कि भारत हर संभव मदद को तैयार है।

पीएम मोदी ने आंग सान सू की से कहा कि शांति प्रक्रिया के लिए आपके द्वारा साहसिक नेतृत्‍व प्रशंसनीय है। हम आपकी चुनौतियां समझते हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पड़ोसी होने के नाते हमारी एक समान सुरक्षा चिंताएं हैं। ऐसे में हमारा एक साथ काम करना जरूरी है।

पीएम मोदी ने इस मौके पर यह भी कहा कि म्‍यांमार के जो नागरिक भारत आने को इच्‍छुक हैं, उन्‍हें मुफ्त में वीजा दिया जाएगा। साथ ही भारतीय जेलों में बंद म्‍यांमार के 40 नागरिकों को रिहा करने का भी एलान किया।

इससे पहले मंगलवार को म्‍यंमार पहुंचे पीएम मोदी ने राष्ट्रपति हतिन क्याव के साथ दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की थी।
म्यांमार में प्रधानमंत्री का शानदार स्वागत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने म्यांमार के राष्ट्रपति क्याव द्वारा प्रधानमंत्री का स्वागत किए जाने की कुछ तस्वीरें ट्वीट की हैं। दोनों नेताओं को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यहां पहुंचने के तुरंत बाद दोनों नेताओं की बैठक हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने क्याव को तिब्बत के पठार से अंडमान सागर तक बहने वाली सालवीन नदी का 1841 का नक्शा और बोधिवृक्ष की मूर्ति भेंट की। उन्होंने इस मुलाकात को अद्भुत बताया।

गौरतलब है कि म्यांमार के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री इस देश की यात्रा पर हैं। म्यांमार यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और म्यांमार सुरक्षा और आतंक से निपटने, व्यापार एवं निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्र में मौजूदा सहयोग को बढ़ाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत चीन के शियामिन से यहां पहुंचे हैं। यह उनकी म्यांमार की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले वह 2014 में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने यहां आए थे।

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