यूपी में ADG को महंगा पड़ा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाना, महत्वहीन पद पर तबादला

लखनऊ: यूपी सरकार भ्रष्टाचार को लेकर भले ही ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का दावा करे, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल जुदा नजर आ रही है. ताज़ा मामला है प्रदेश के होमगार्ड विभाग का, जहां एक ADG का तबादला महज़ सिर्फ इसलिए कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने विभाग में फैले भ्रष्टाचार को लेकर न सिर्फ आवाज़ उठाई, बल्कि कार्रवाई की मांग करते हुए कमांडेंट जनरल को खत भी लिख दिया. अब ADG को यूपी पुलिस के सर्वाधिक महत्वहीन माने जाने वाली रूल्स एंड मैन्युअल विंग का ADG बना दिया गया है.

यूपी होमगार्ड्स के कमांडेंट जनरल डॉ सूर्य कुमार शुक्ला को भेजे खत में ADG जसबीर सिंह ने कहा कि विभाग में अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और अफसरों व कर्मचारियों की मनमानी के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें तुरंत FIR दर्ज होना ज़रूरी है. वह बीते दो साल से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही. उन्होंने खत में आरोप लगाया कि विभाग में कुछ अफसरों व व्यक्तियों को नियमों को दरकिनार कर सरकारी गाड़ियां आवंटित कर दी गईं. इतना ही नहीं, इन गाड़ियों को ईंधन भी विभाग की ओर से ही दिया जा रहा है.

ADG ने आगे लिखा है कि होमगार्ड्स मुख्यालय की परिवहन शाखा में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि मुख्यालय के ड्राइवर अब कुछ अफसरों के परिवारों के निजी वाहन चला रहे हैं. उन्होंने खत में यह ज़िक्र भी किया कि किस तरह प्रमुख सचिव होमगार्ड के निजी सचिव शिवराम के बेटे की प्राइवेट गाड़ी पर सरकारी ड्राइवर रामप्रकाश को तैनात किया गया है. मुख्यालय में तैनात एक क्लीनर विनय दुबे की हरकतों का ज़िक्र करते हुए ADG ने लिखा कि उस पर आरोप है कि वह होमगार्ड राज्यमंत्री अनिल राजभर का नाम लेकर अफसरों को तबादला कराने की धमकी देता है.

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