वाहन दौड़ाते हुए मोबाइल के इस्तेमाल ने इस साल ली 2100 लोगों की जान: रिपोर्ट

नई दिल्ली
टू-वीलर चलाते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना जिंदगी के लिए कितना घातक हो सकता है, इसका अंदाजा ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के इस ताजा रिपोर्ट को देखकर लगाया जा सकता है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल टू-वीलर चलाते हुए मोबाइल इस्तेमाल करने के कारण 2138 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे। इसके अलावा गलत स्पीड ब्रेकर, सड़क पर गड्ढे और निर्माणाधीन सड़कों के चलते रोजाना 26 लोगों की मौत हो रही है।

रिपोर्ट बताती है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली सबसे ज्यादा मौतों का कारण ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना है। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुई हैं। इसके बाद हरियाणा का नंबर है। राजधानी दिल्ली में इस कारण बीते साल 2 लोगों की मौत हुई वहीं महाराष्ट्र में 172 लोगों की मौत इसके चलते हुई। यह पहली बार है, जब सड़क परिवहन मंत्रालय ने राज्यवार इस प्रकार का डाटा एकत्रित किया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार देश में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 17 लोगों की जान हर घंटे जाती है। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस संबंध में यह रिपोर्ट 24 अप्रैल को प्रकाशित की थी। मंत्रालय के अधिकारी मानते हैं कि इन दिनों हो रही सड़क दुर्घटनाओं में मोबाइल फोन का इस्तेमाल सबसे बड़ा कारण है। सड़के पर इसके इस्तेमाल के चलते वाहन चालक ही नहीं पैदल चलने वाले भी दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘ड्राइविंग करते हुए मोबाइल फोन पर बात करना या सेल्फी लेने के मामले बढ़ रहे हैं। इससे न केवल ऐसा करने वालों की जान को खतरा है बल्कि दूसरों के लिए भी यह घातक है।’

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