भोपाल में जारी है संघ का मंथन

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारी मंडल की बैठक भोपाल में शुरू हो गई है। इस तीन दिवसीय बैठक की खास बात यह है कि भाजपा के किसी पदाधिकारी को इसमें नहीं बुलाया गया है। संघ के मुख्य आनुषांगिक संगठनों को छोड़कर बाकियों को बैठक से दूर रखा गया है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बैठक में अगले 3 साल की योजना बनाई जाएगी।दत्तात्रेय ने जय शाह के लिए कही ये बात
बैठक के पहले ही दिन संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बीजेपी प्रमुख अमित शाह के बेटे जय शाह का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि अगर जय शाह पर आरोप गंभीर हैं तभी जांच हो, वरना जांच की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन पहले आरोप लगाने वाले आरोप साबित करें। उन्होंने आगे कहा कि समाज में आज हर मुद्दे पर चर्चा और संवाद की आवश्यकता है। समाज के हर नागरिक को अपनी भावनाएं व्यक्त करनी चाहिए।
शाखा में महिलाओं के आने पर विचार नहीं
RSS ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मीडिया में आ रही उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि संघ की शाखाओं में महिलाओं की एंट्री पर विचार किया जा रहा है। संघ ने साफ किया कि डॉ. वैद्य ने कहा था कि संघ शाखाओं में सिर्फ पुरुषों के साथ काम करता है और उनके परिवारों से जुड़ा रहता है। महिलाओं के बीच काम राष्ट्रीय सेविका समिति के माध्यम ये किया जाता है।
इसलिए उठाया है ये कदम
– मध्यभारत प्रांत के संघ चालक सतीश पिंपलीकर, प्रांत सह सरकार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध ने इसकी पुष्टि की। पिंपलीकर ने बताया कि भाजपा के प्रतिनिधि कार्यकारी मंडल की बैठक में नहीं शामिल किए गए हैं। आरएसएस ने यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि डेढ़ माह पहले वृंदावन में आरएसएस की बैठक हो चुकी है। बहरहाल, यह पहली बार होगा कि भाजपा व अनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को कार्यकारी मंडल में नहीं बुलाया गया है।
भैया जी जोशी की जगह ले सकते हैं सोनी या होसबोले
आरएसएस में संघ प्रमुख मोहन भागवत के बाद एक सरकार्यवाह और चार सह सरकार्यवाह के अहम पद होते हैं। इनका कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। वर्ष 2015 में मार्च में हुई प्रतिनिधि सभा में चुनाव के बाद इनकी घोषणा हुई थी। तब सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी और चार सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सुरेश सोनी, कृष्णगोपाल और वि भागय्या चुने गए। इनका कार्यकाल मार्च 2018 में पूरा हो रहा है। बताया जा रहा है कि जोशी की जगह होसबोले या सोनी ले सकते हैं। यह संघ प्रमुख के बाद दूसरा बड़ा पद है। इधर, अभा प्रचार प्रमुख वैद्य से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कार्यकारी मंडल की बैठक में सह सरकार्यवाह के तीन साल के कार्यकाल का ब्यौरा पेश होगा। इसी आधार पर मार्च 2018 में नागपुर में होने वाली प्रतिनिधि सभा में चुनाव होंगे।
इन विषयों पर होगी चर्चा
-पिंपलीकर ने कहा कि कार्यकारी मंडल की बैठक में चर्चा किए जाने वाले विषय केंद्रीय पदाधिकारियों ने तय किए हैं। हो सकता है कि इसमें रोहिंग्या मुसलमान, केरल में संघ कार्यकर्ताओं पर अत्याचार, धर्मांतरण आदि विषयों पर चर्चा हो। राष्ट्र की सुरक्षा व समाज के उत्थान के विषय होंगे। बहरहाल, यह पहली बार होगा कि भाजपा व अनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को कार्यकारी मंडल में नहीं बुलाया गया है।
-भोपाल में 12 से 14 अक्टूबर तक चलने वाली बैठक केरवा डेम स्थित शारदा विहार आवासीय विद्यालय में हो रही है। इसमें सरसंघ चालक मोहनराव भागवत समेत अखिल भारतीय पदाधिकारी, क्षेत्रीय प्रचारक, हर प्रांत के प्रचारक, संघ चालक व क्षेत्रीय पदाधिकारी मौजूद हैं। यह संख्या 300 से 350 के करीब है।
दस दिन भोपाल में रहेंगे संघ प्रमुख
संघ की कार्यकारी मंडल की बैठक तो सिर्फ तीन दिन है, लेकिन भागवत दस दिन तक भोपाल में रहेंगे। वे 7 से 16 अक्टूबर तक भोपाल में रहेंगे। कार्यकारी मंडल की बैठक के अलावा वे कुछ प्रमुख लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इसी दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के भागवत से मिलने की अटकलें, जिसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

Related posts

Leave a Comment