बकरी का दूध पिएगा टाइगर का बच्चा, नाजुक हालत में OT में किया शिफ्ट

भोपाल। तीन हफ्ते की खोजबीन के बाद हलकान वन विभाग ने तेंदुआ शावक की मां की खोजबीन बंद कर दी है। अब वन विभाग की टीम तेंदुआ शावक साहिबा की परवरिश पर फोकस कर रही है। 24 सितंबर को भोजपुर जैन मंदिर के पास तेंदुआ शावक मिली थी। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ शावक की स्थित में सुधार है  

इन्हें इसलिए कहा जाता है टाइगर मम्मी
-तेंदुआ शावक के पालन-पोषण के लिए पूर्व पीसीसीएफ पीएम लाड़ की पत्नी कमल लाड़ से मदद ली जा रही है। उन्हें टाइगर मम्मी के नाम से पहचाना जाता है। उन्होंने शावक को संक्रमण से बचाने के कई टिप्स दिए हैं। जैसे उसे कोई छुए नहीं। शावक को स्टरलाइज्ड बॉटल से दूध पिलाया जाएगा। साथ ही शेर के बच्चे को बकरी का शुद्ध दूध पीने की सलाह दी है। वन विभाग बकरी के दूध का इंतजाम करेगा। इसके पहले तक शावक साहिबा को दूध में पानी मिलाकर दिया जा रहा था।
 
 
-गौरतलब है वन विहार के पहले टाइगर चीकू को पालने वाली कमल लाड़ को वन विभाग के अधिकारी अभी भी टाइगर मम्मी के नाम से जानते हैं। उन्होंने उसे दस दिन की उम्र से पाला था। चीकू की मां ने मंडला में त्याग दिया था।
 
 
साहिबा ओटी में शिफ्ट
-वन विहार में पल रहे तेंदुआ शावक साहिबा की हालत में सुधार है। उसे तेंदुआ बाड़े से हटाकर अस्पताल की ओटी में शिफ्ट कर दिया गया है। वन विहार की डायरेक्टर समीता राजौरा ने बताया कि उसकी हालत बीच में नाजुक हो गई थी। उसे किसी तरह का संक्रमण न हो इसलिए उसे ओटी में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया।
 

कानून के डर से छोड़ गए शावक को
-इस मामले में भोपाल फारेस्ट सर्किल के चीफ कंजरवेटर विजय नीमा का कहना है कि संभवत: तेंदुआ का बच्चा कोई व्यक्ति अन्य दूसरी जगह से उठाकर लाया था। कानून के भय की वजह से वह भोजपुर मंदिर के पास छोड़ गया।

Related posts

Leave a Comment